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Gurudev Sri Sri Ravishankar, गुरुदेव की वाणी, Guru ki Vani, Gurdev quotes

  Gurudev ki Vani गुरुदेव की वाणी Jai Gurudev🙏 जय गुरुदेव🙏   अपने जीवन को सरल बनाने के सरल उपाय  बहुत ही आसान तरीके से  जीवन  में  खुश और आनंद  में रहकर स्वयं के स्वरुप में  रहने   की कला    इन सब बातों को स्वयं में उतर लेते है तो हम अपने स्वरुप में रहते है और आनंद ही आनंद में होते है |  आनंद में रहना और सदा खुश  रहना ही हम सब का  असली  स्वरुप है |  1. A narrow and petty mind picks up a small mistake and harps on it while a broad mind finds the smallest virtue and glorifies it.  एक संकीर्ण और क्षुद्र मन एक छोटी सी गलती पकड़ लेता है और उसका ढिंढोरा पीटता है, जबकि एक व्यापक मन सबसे छोटा गुण ढूंढ लेता है और उसका महिमामंडन करता है। 2. It's not people who hurt you. It is your own mind and vulnerability andyour own emotions that entangle you and make you feel hurt  ये वे लोग नहीं हैं जो आपको चोट पहुँचाते हैं। यह आपका अपना मन, कमज़ोरियाँ और आपकी अपनी भावनाएँ हैं जो आपको उलझाती हैं और आपको आहत महसूस...

करें जब पाँव खुद नर्तन, नीरज गोस्वामी जी की रचना

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करें जब पाँव खुद नर्तन  नीरज गोस्वामी जी की रचना  करें जब पाँव खुद नर्तन  नीरज गोस्वामी जी की रचना  करें जब पाँव खुद नर्तन, समझ लेना कि होली है, हिलोरें ले रहा हो मन, समझ लेना कि होली है || करें जब पाँव खुद नर्तन, समझ लेना कि होली है, हिलोरें ले रहा हो मन, समझ लेना कि होली है || इमारत इक पुरानी सी, रुके बरसों से पानी सी, लगे बीवी वही नूतन, समझ लेना कि होली है || करें जब पाँव खुद नर्तन, समझ लेना कि होली है, हिलोरें ले रहा हो मन, समझ लेना कि होली है || करें जब पाँव खुद नर्तन कभी खोलो हुलस कर आप, अपने घर का दरवाजा खड़े देहरी पे हों साजन, समझ लेना कि होली है करें जब पाँव खुद नर्तन, समझ लेना कि होली है, हिलोरें ले रहा हो मन, समझ लेना कि होली है || करें जब पाँव खुद नर्तन तरसती जिसके हों दीदार तक को आपकी आंखें उसे छूने का आये क्षण, समझ लेना कि होली है|| करें जब पाँव खुद नर्तन, समझ लेना कि होली है, हिलोरें ले रहा हो मन, समझ लेना कि होली है || करें जब पाँव खुद नर्त हमारी ज़िन्दगी यूँ तो है इक काँटों भरा जंगल अगर लगने लगे मधुबन, समझ लेना कि होली है करें जब पाँव खुद नर्तन, समझ ...

Cracked Heel Remedies, फटी एड़ियों का उपचार, Fati Adiya ka Ayurvedic upchar

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  Cracked Heel Remedies  फटी एड़ियों का  घरेलू उपचार foot care home remedies Cracked Heel Remedies,  फटी एड़ियों का उपचार,   Fati Adiya ka upchar  Cracked Heel Remedies पैर की एड़ी या बिवाई फटना (Cracked Heels) एक आम समस्या है| Cracked Heel Remedies   शुष्क और खुरदरी त्वचा में बिवाई फटना एक मुख्य कारण सर्दीयों में शुष्क हवा के लगने से होता है |   शुरू में ही  ध्यान   नहीं रखने से ये ज्यादा बढ़ जाता है तो  cuts हो जाते है |  dry skin वालों के भी एड़ियां बहुत फटती है |       जिससे  रक्त बहना, जलन, सुजन और असहनीय पीड़ा होती है | इस बिवाई फटना (Cracked Heels) समस्या को  एड़ी   फटना  कहते है| कारण चाहे जो हों, हमें अपनी एरियों का भी पूरा ख्याल रखना चाहिए | सर्दी हो या कोई भी मौसम हो फटी एरियों से है परेशान तो  इन उपायों को करके देखिये |    दो दिन में फटी एरियां हो जायेंगी सुन्दर और चिकनी |   उपाय - 1 इसके लिए तो सबसे पहले अपने पैरों में  सरसों के तेल को खूब अच्छी तरह ...

औरत शब्द का अर्थ अरबी और उर्दू भाषा में जानकर हैरान रह जाएंगे | Aurat meaning in Hindi, Urdu and Arabic

  Aurat meaning  Aurat meaning in Hindi, Urdu and Arabic औरत शब्द का अर्थ अरबी और उर्दू भाषा में औरत शब्द का अर्थ   औरत शब्द का अर्थ अरबी और उर्दू भाषा में जान जाएंगे तो शायद कभी किसी नारी के लिए इस शब्द का प्रयोग नहीं करेंगे | औरत’ शब्द अरबी और उर्दू भाषा से आया है | इन भाषाओँ में इस शब्द का क्या अर्थ है ये जान लेते है | औरत शब्द का अर्थ राजपाल के शब्द कोष में औरत शब्द का अर्थ दिया हुआ है नारी या स्त्री, पत्नी या जोरू | वर्धा हिंदी शब्द कोष में औरत शब्द का अर्थ है - महिला, नारी, स्त्री, पत्नी, भार्या, जोरू | औरत शब्द का अर्थ जदीद उर्दू हिंदी कोष में औरत शब्द का अर्थ दिया हुआ है -- स्त्री, नारी, महिला, जाया, भार्या, पत्नी, मनुष्य या स्त्री के गुप्तांग, हर वह चीज जिसे देखने से लज्जा आये | औरत शब्द का अर्थ  Urdu english dictionary में औरत शब्द का अर्थ दिया हुआ है -- Nakedness; nudity; a women; a wife; a female; women kind; the female sex. बेहतर है हम अपने संस्कृत के महिला शब्द का इस्तेमाल करे | संस्कृत में महिला को नारी, स्त्री, देवी कहते है | औरत शब्द का अर्थ...

जगदम्बा घर में दियरा बार अयली हे | Bhojpuri Devi geet | देवी गीत, भगवती गीत

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 जगदम्बा घर में दियरा बार अयली हे,  जगतारण घर में दियरा बार अयली हे   जगदम्बा घर में दियरा बार अयली हे,  जगतारण घर में  दियरा  बार अयली हे    Bhojpuri Devi geet  देवी गीत   भगवती गीत    जगदम्बा घर में दियरा  जगदम्बा घर में दियरा बार अयली हे,  जगतारण घर में  दियरा  बार अयली हे   जगदम्बा घर में दियरा बार अयली हे,  जगतारण घर में  दियरा  बार अयली हे  जगदम्बा घर में दियरा  कंचन थाल कपूर के बाती, कंचन थाल कपूर के बाती   कंचन थाल कपूर के बाती, कंचन थाल कपूर के बाती    मैया के आरती  उतार अयली हे  मैया के आरती  उतार अयली हे   जगदम्बा घर में दियरा बार अयली हे,  जगतारण घर में दियरा बार अयली हे   जगदम्बा घर में दियरा बार अयली हे,  जगतारण घर में दियरा बार अयली हे   जय-जय भै‍रवि असुर भयाउनि      जगदम्बा घर में दियरा     सोने के थारी में व्यंजन परोसल,सोने के था...

अन्नाद्भवन्ति भूतानि पर्जन्यादन्नसम्भवः | श्रीमद्भागवत गीता

   || ॐ श्री परमात्मने नमः || अन्नाद्भवन्ति भूतानि पर्जन्यादन्नसम्भवः  श्रीमद्भागवत  गीता  अन्नाद्भवन्ति भूतानि पर्जन्यादन्नसम्भवः। यज्ञाद्भवति पर्जन्यो यज्ञः कर्मसमुद्भवः ॥  कर्म ब्रह्मोद्भवं विद्धि ब्रह्माक्षरसमुद्भवम्‌ । तस्मात्सर्वगतं ब्रह्म नित्यं यज्ञे प्रतिष्ठितम्‌ ॥            अन्नात भवन्ति भूतानि   परजन्यात्  अन्न  सम्भवः |  यज्ञात् भवती पर्जन्यः यज्ञः कर्म समुद्भवः || कर्म ब्रम्ह उद्भवं  विद्धि   ब्रम्ह अक्षर समुद्भवम् |  तस्मात् सर्व गतं ब्रह्म नित्यं यज्ञे प्रतिष्ठितम् ||  अन्नात् - अन्न से;  भवन्ति - उत्पन्न होता है;  भूतानि - भौतिक शरीर; परजन्यात् - वर्षा से; अन्न - अन्न का  सम्भवः - उत्पादन; यज्ञात् - यज्ञ संपन्न करने से;  भवती - संभव होती है   पर्जन्यः - वर्षा;   यज्ञः -  यज्ञ का संपन्न होना;  कर्म -  नियत कर्तव्य से; समुद्भवः - उत्पन्न होता है; कर्म -  कर्म;    ब्रम्ह  -  वेदों ...

श्री ब्रह्म संहिता | आलोलचन्द्रकलसद्ववनमाल्यवंशी, रत्नागदं प्रणयकेलिकलाविलासम्।

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श्री ब्रह्म संहिता आलोलचन्द्रकलसद्ववनमाल्यवंशी, रत्नागदं प्रणयकेलिकलाविलासम्। श्यामं त्रिभंगललितं नियतप्रकाशं, गोविन्दमादिपुरुषं तमहं भजामि॥     Hare Krishna    आलोलचन्द्रकलसद्ववनमाल्यवंशी, रत्नागदं प्रणयकेलिकलाविलासम्। श्यामं त्रिभंगललितं नियतप्रकाशं, गोविन्दमादिपुरुषं तमहं भजामि॥   जिनके गले में चंद्रक से शोभित वनमाला झूम रही है, जिनके दोनों हाथ वंशी तथा रत्न - जड़ित बाजूबन्दों से सुशोभित हैं, जो सदैव प्रेम- लीलाओं में मग्न रहते हैं, जिनका ललित त्रिभंग श्यामसुंदर रूप नित्य प्रकाशमान है, उन आदिपुरुष भगवान गोविंद का में भजन करती हूँ।   Hare Krishna आलोलचन्द्रकलसद्ववनमाल्यवंशी, रत्नागदं प्रणयकेलिकलाविलासम्। श्यामं त्रिभंगललितं नियतप्रकाशं, गोविन्दमादिपुरुषं तमहं भजामि॥   जिनके गले में चंद्रक से शोभित वनमाला झूम रही है, जिनके दोनों हाथ वंशी तथा रत्न - जड़ित बाजूबन्दों से सुशोभित हैं, जो सदैव प्रेम- लीलाओं में मग्न रहते हैं, जिनका ललित त्रिभंग श्यामसुंदर रूप नित्य प्रकाशमान है, उन आदिपुरुष भगवान गोविंद का में भजन करती हूँ। Hare Krishna आलोलचन्द्रकलसद्ववनमाल...

Narasimha Aarti |नृसिंह आरती | ISKCON | Narsimha bhagwaan ka abhishekh

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  Narasimha Aarti  नृसिंह आरती   नमस्ते नरसिंहाय प्रह्लादाह्लाद-दायिने हिरण्यकशिपोर्वक्षः- शिला-टङ्क-नखालये मैं भगवान नरसिंह को प्रणाम करता हूँ जो प्रह्लाद महाराजा को आनंद देते हैं और जिनके नाखून राक्षस हिरण्यकशिपु की पत्थर जैसी छाती पर छेनी की तरह हैं। इतो नृसिंहः परतो नृसिंहो यतो यतो यामि ततो नृसिंहः बहिर्नृसिंहो हृदये नृसिंहो नृसिंहमादिं शरणं प्रपद्ये भगवान नृसिंह यहां भी हैं और वहां भी हैं।  मैं जहां भी जाता हूं भगवान नृसिंह वहीं होते हैं।  वह हृदय में भी है और बाहर भी है।  मैं भगवान नृसिंह, सभी चीजों की उत्पत्ति और सर्वोच्च शरण के लिए आत्मसमर्पण करता हूं।   जयदेव  गोस्वामी द्वारा भगवान नृसिंह की प्रार्थना तव करकमलवरे नखमद्भुत-शृङ्गं दलितहिरण्यकशिपुतनुभृङ्गम् केशव धृतनरहरिरूप जय जगदीश हरे । हे केशव!  हे ब्रह्मांड के स्वामी!  हे भगवान हरि, जिन्होंने आधे आदमी, आधे शेर का रूप धारण किया है! आपकी  जय हो !  जिस प्रकार कोई अपने नाखूनों के बीच एक ततैया को आसानी से कुचल सकता है, उसी तरह आपके सुंदर  कमल के हाथों के अद्भुत न...